Андрей Воробьев обсудил с гендиректором ПАО «Россети» Павлом Ливинским перспективы сотрудничества. С января в регионе упрощены правила приема на баланс электросетевого хозяйства: от СНТ теперь не требуется самим проводить дорогостоящую реконструкцию по стандартам. Все это позволяет значительно снизить количество технологических нарушений и улучшить качество электроснабжения потребителей.
«У Московской области большая территория и сейчас идет насыщенная работа с физическими лицами - подключение СНТ, коттеджных поселков, новых микрорайонов. Особое значение имеет обустройство всей инфраструктуры, индустриальных парков - для нас это является залогом экономической стабильности, - сказал Губернатор. - Хочу поблагодарить за ряд индустриальных территорий, в частности, «Есипово», где уже сегодня работает «Мерседес» и приходят другие резиденты».
Павел Ливинский отметил важность совместной работы по упрощению процедуры присоединения к электросетям: «Огромное спасибо за большой вклад в присоединение потребителей. Организована прямая «Светлая линия», мы кардинально упростили процедуру присоединения - с 10 процедур количество уменьшилось до 2, все можно осуществлять через личный кабинет. Мы присоединили почти 300 тыс потребителей - до 15 кВт на общую мощность почти 3800 Мвт. Это самый большой объем, если говорить по регионам РФ».
Глава «Россетей» сообщил о ходе реализации в МО масштабной программы, направленной на цифровую трансформацию электросетей: «На совещании под председательством Дмитрия Медведева мы продемонстрировали Истру – в октябре это будет полноценный цифровой район электросетей, этот проект можно масштабировать не только в МО, но и на территории всей страны. Проект «Цифровой электромонтер» с использованием спецбраслета позволяет считывать действия мастера,открывать допуск к работам,контролировать безопасность и удаленно обеспечивать сигнал на подачу напряжения в сети. К октябрю также сможем продемонстрировать. Внедрение проекта на все оперативно-выездные бригады обслуживания московского региона даст возможность сдерживать рост тарифов, уменьшить избыточную тарифную нагрузку».
Friday, July 26, 2019
Friday, July 19, 2019
फ़ीमेल वायाग्रा पर क्यों मचा है हंगामा
अमरीका में सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य मामलों पर नज़र रखने वाली संस्था फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने बीते 21 जून को एक नई दवा के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी है.
इस दवा के बारे में दावा किया जा रहा है कि इससे महिलाएं अपनी यौन इच्छाओं को बढ़ा सकती हैं.
यह दवा दरअसल उन महिलाओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई है जिनके मेनोपॉज चक्र के प्रभावित होने का कोई लक्षण नहीं होता लेकिन वे हाइपो-एक्टिव सेक्शुअल डिज़ायर डिसऑर्डर (एचएसडीडी, यानी महिलाओं की सेक्स में दिलचस्पी में कमी) से पीड़ित हैं.
डॉक्टरी भाषा में एचएसडीडी की स्थिति तब आती है, जब सेक्स में दिलचस्पी नियमित और लगातार कम हो जाती है. अनुमान के मुताबिक़ अमरीका में मां बनने की क्षमता रखने वाली महिलाओं में 6 से 10 प्रतिशत महिलाएं इसकी चपेट में हैं.
इस दवा का नाम है- ब्रेमेलानोटाइड. लेकिन व्यावसायिक तौर पर यह वायलेसी के नाम पर उपलब्ध होगा. इस दवा के इस्तेमाल की मंज़ूरी दरअसल दूसरा मौक़ा है, जब फ़र्मास्यूटिकल इंडस्ट्री 'फ़ीमेल वायग्रा' की बिक्री को लेकर उत्साहित है.
लेकिन एफ़डीए की मंज़ूरी के बाद विवाद भी पैदा हो गया है. क्या वायलेसी कारगर है? या फिर ब्रेमेलानोटाइड के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा? ये सवाल पूछे जा रहे हैं.
वायलेसी को पॉलाटिन टेक्नालॉजी ने विकसित किया है और इसकी बिक्री का लाइसेंस एमैग फर्मास्यूटिकल्स के पास है. इसे ख़ुद से इस्तेमाल करने लायक इंजेक्शन के तौर पर विकसित किया गया है.
इस इंजेक्शन के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह घबराहट को कम करेगा और दो न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर पर नियंत्रण रखकर यौन इच्छा को बेहतर बनाएगा. ये दो न्यूरोट्रांसमीटर हैं- डोपामाइन की उपस्थिति को बढ़ाना और सेरोटोनिन के स्राव को रोकना.
इस नई दवा को बाज़ार में पहले से मौजूद अडयाई से मुक़ाबला करना होगा. स्प्राउट फर्मास्यूटिकल्स की यह दवा गोली के तौर पर मिलती है और इसके इस्तेमाल को एफ़डीए ने 2015 में मंज़ूरी दी थी.
उस वक़्त भी इस दवा को मंज़ूरी दिए जाने पर विवाद उठा था क्योंकि कई विशेषज्ञों का कहना था अडयाई मामूली असर वाली दवा और असुरक्षित भी है.
वायलेसी के निर्माताओं ने कहा है कि इस दवा को लेने के दौरान मरीजों को अल्कोहल छोड़ने की ज़रूरत नहीं होगी, अडयाई ले रहे लोगों को पहले अल्कोहल छोड़ने की सलाह दी जाती है.
इतना ही नहीं वायलेसी बनाने वाले यह भरोसा भी दिला रहे हैं कि इसके कम साइड इफेक्ट होंगे और तेज़ी से असर होगा, हालांकि इसके लिए रोज़ाना इंजेक्शन लेना ज़रूरी नहीं होगा.
2016 के एक अध्ययन के मुताबिक़, अमरीका की प्रत्येक 10 महिलाओं में एक एचएसडीडी की चपेट में है, लेकिन ज़्यादातर महिलाएं इसका इलाज़ नहीं कराती हैं.
एमैग फर्मास्यूटिकल्स के कार्यकारी निदेशक विलियम हेडेन कहते हैं, "समस्या झेल रहीं अधिकांश महिलाएं चुप ही रहती हैं, ऐसे में इस उत्पाद के लिए वास्तव में बाज़ार नहीं है."
लेकिन बाज़ार के विश्लेषकों का अनुमान है कि वायलेसी का सालाना करोबार एक अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा.
ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के मुताबिक़, अमरीका में डॉक्टरों द्वारा अडयाई लिखे जाने के मामले मई 2018 की तुलना में मई 2019 में 400 प्रतिशत बढ़ गए हैं. यह दवा मई, 2019 में तीन हज़ार लोग ले रहे थे.
इस बढ़ोत्तरी के बावजूद अभी इसकी तुलना वायग्रा से नहीं हो सकती है जिसे हर महीने डॉक्टर लाखों लोगों को लेने की सलाह देते हैं.
एमैग फर्मास्यूटिकल्स ने कहा है कि वायलेसी के ट्रायल के दौरान 40 प्रतिशत लोगों को जी मितलाने या बेचैनी होनी की शिकायत हुई है. हालांकि कुछ शिकायत गर्मी लगने और सिर दर्द की सामने आई है.
एफ़डीए ने इस दवा को एचएसडीडी से पीड़ित महिलाओं के इलाज के विकल्प के तौर पर मंज़ूरी दी है.
एफ़डीए ने कहा है, "वैसी वजहें जिसका पता अभी तक नहीं चल पाया है, उसके चलते भी महिलाओं की यौन इच्छाएं कम हो जाती हैं, यह घबराहट से भी हो सकती है. लेकिन अब इन महिलाओं के लिए सुरक्षित और प्रभावी इलाज है. इस मंज़ूरी के साथ महिलाओं के पास इलाज के लिए एक और विकल्प मिल गया है."
वायलेसी का असर दिमाग पर यौन इच्छा या घबराहट को लेकर किस तरह होता है, इसके बारे में एफ़डीए ने कहा है कि 'यह स्पष्ट नहीं है.'
वैसे इस बात पर भी बहस हो रही है कि क्या एचएसडीडी का इलाज दवाओं से होना चाहिए? मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यौन इच्छा की कमी किसी बाहरी या फिर मनोवैज्ञानिक कारणों से भी हो सकती है.
एचएसडीडी को लेकर बने एफ़डीए के लेटेस्ट पैनल में शामिल डॉक्टर स्प्राउट फर्मास्यूटिकल्स से भी जुड़े हुए हैं, इस बात की काफ़ी आलोचना हो रही है.
स्प्राउट फर्मास्यूटिकल्स की ही दवा है अडयाई.
वैसे कई महिला स्वास्थ्य संगठनों ने भी कहा है कि वायलेसी के दीर्घकालीन प्रभावों को जानने के लिए एफ़डीए को और समीक्षा करने की ज़रूरत नहीं है.
नेशनल सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च की प्रेसीडेंट डायना जकरमैन ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया है, "अच्छी ख़बर यह है कि वायलेसी को अडयाई की तरह रोज़ इस्तेमाल करने की ज़रूरत नहीं है. और बुरी ख़बर यह है कि लोगों को सुरक्षा के लेकर भरोसा नहीं हो रहा क्योंकि इस दवा का लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर होने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी नहीं है."
वायलेसी का 24 सप्ताह तक ट्रायल किया गया है, इस दौरान एचएसडीडी से पीड़ित 1200 महिलाओं को ये दवा दी गई. अधिकांश महिलाओं को महीने में दो या तीन बार इसके इंजेक्शन दिए गए. किसी को भी सप्ताह में एक से अधिक इंजेक्शन नहीं दिया गया.
इनमें से 25 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उनकी यौन इच्छा बढ़ी है. जबकि प्लेसेबो लेने वाली महिलाओं में 17 प्रतिशत के आंकड़े से यह बेहतर है.
हालांकि इस ट्रायल में शामिल, एक निजी मेडिकल ट्रायल कंपनी कोलंबस सेंटर फॉर वीमेंस हेल्थ रिसर्च के मुताबिक, 20 प्रतिशत महिलाओं ने दवा लेना बंद कर दिया था जिनमें जी मितलाने या घबराहट के चलते दवा का इस्तेमाल बंद करने वाली आठ प्रतिशत महिलाएं भी शामिल थीं.
इस दवा के बारे में दावा किया जा रहा है कि इससे महिलाएं अपनी यौन इच्छाओं को बढ़ा सकती हैं.
यह दवा दरअसल उन महिलाओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई है जिनके मेनोपॉज चक्र के प्रभावित होने का कोई लक्षण नहीं होता लेकिन वे हाइपो-एक्टिव सेक्शुअल डिज़ायर डिसऑर्डर (एचएसडीडी, यानी महिलाओं की सेक्स में दिलचस्पी में कमी) से पीड़ित हैं.
डॉक्टरी भाषा में एचएसडीडी की स्थिति तब आती है, जब सेक्स में दिलचस्पी नियमित और लगातार कम हो जाती है. अनुमान के मुताबिक़ अमरीका में मां बनने की क्षमता रखने वाली महिलाओं में 6 से 10 प्रतिशत महिलाएं इसकी चपेट में हैं.
इस दवा का नाम है- ब्रेमेलानोटाइड. लेकिन व्यावसायिक तौर पर यह वायलेसी के नाम पर उपलब्ध होगा. इस दवा के इस्तेमाल की मंज़ूरी दरअसल दूसरा मौक़ा है, जब फ़र्मास्यूटिकल इंडस्ट्री 'फ़ीमेल वायग्रा' की बिक्री को लेकर उत्साहित है.
लेकिन एफ़डीए की मंज़ूरी के बाद विवाद भी पैदा हो गया है. क्या वायलेसी कारगर है? या फिर ब्रेमेलानोटाइड के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा? ये सवाल पूछे जा रहे हैं.
वायलेसी को पॉलाटिन टेक्नालॉजी ने विकसित किया है और इसकी बिक्री का लाइसेंस एमैग फर्मास्यूटिकल्स के पास है. इसे ख़ुद से इस्तेमाल करने लायक इंजेक्शन के तौर पर विकसित किया गया है.
इस इंजेक्शन के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह घबराहट को कम करेगा और दो न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर पर नियंत्रण रखकर यौन इच्छा को बेहतर बनाएगा. ये दो न्यूरोट्रांसमीटर हैं- डोपामाइन की उपस्थिति को बढ़ाना और सेरोटोनिन के स्राव को रोकना.
इस नई दवा को बाज़ार में पहले से मौजूद अडयाई से मुक़ाबला करना होगा. स्प्राउट फर्मास्यूटिकल्स की यह दवा गोली के तौर पर मिलती है और इसके इस्तेमाल को एफ़डीए ने 2015 में मंज़ूरी दी थी.
उस वक़्त भी इस दवा को मंज़ूरी दिए जाने पर विवाद उठा था क्योंकि कई विशेषज्ञों का कहना था अडयाई मामूली असर वाली दवा और असुरक्षित भी है.
वायलेसी के निर्माताओं ने कहा है कि इस दवा को लेने के दौरान मरीजों को अल्कोहल छोड़ने की ज़रूरत नहीं होगी, अडयाई ले रहे लोगों को पहले अल्कोहल छोड़ने की सलाह दी जाती है.
इतना ही नहीं वायलेसी बनाने वाले यह भरोसा भी दिला रहे हैं कि इसके कम साइड इफेक्ट होंगे और तेज़ी से असर होगा, हालांकि इसके लिए रोज़ाना इंजेक्शन लेना ज़रूरी नहीं होगा.
2016 के एक अध्ययन के मुताबिक़, अमरीका की प्रत्येक 10 महिलाओं में एक एचएसडीडी की चपेट में है, लेकिन ज़्यादातर महिलाएं इसका इलाज़ नहीं कराती हैं.
एमैग फर्मास्यूटिकल्स के कार्यकारी निदेशक विलियम हेडेन कहते हैं, "समस्या झेल रहीं अधिकांश महिलाएं चुप ही रहती हैं, ऐसे में इस उत्पाद के लिए वास्तव में बाज़ार नहीं है."
लेकिन बाज़ार के विश्लेषकों का अनुमान है कि वायलेसी का सालाना करोबार एक अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा.
ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के मुताबिक़, अमरीका में डॉक्टरों द्वारा अडयाई लिखे जाने के मामले मई 2018 की तुलना में मई 2019 में 400 प्रतिशत बढ़ गए हैं. यह दवा मई, 2019 में तीन हज़ार लोग ले रहे थे.
इस बढ़ोत्तरी के बावजूद अभी इसकी तुलना वायग्रा से नहीं हो सकती है जिसे हर महीने डॉक्टर लाखों लोगों को लेने की सलाह देते हैं.
एमैग फर्मास्यूटिकल्स ने कहा है कि वायलेसी के ट्रायल के दौरान 40 प्रतिशत लोगों को जी मितलाने या बेचैनी होनी की शिकायत हुई है. हालांकि कुछ शिकायत गर्मी लगने और सिर दर्द की सामने आई है.
एफ़डीए ने इस दवा को एचएसडीडी से पीड़ित महिलाओं के इलाज के विकल्प के तौर पर मंज़ूरी दी है.
एफ़डीए ने कहा है, "वैसी वजहें जिसका पता अभी तक नहीं चल पाया है, उसके चलते भी महिलाओं की यौन इच्छाएं कम हो जाती हैं, यह घबराहट से भी हो सकती है. लेकिन अब इन महिलाओं के लिए सुरक्षित और प्रभावी इलाज है. इस मंज़ूरी के साथ महिलाओं के पास इलाज के लिए एक और विकल्प मिल गया है."
वायलेसी का असर दिमाग पर यौन इच्छा या घबराहट को लेकर किस तरह होता है, इसके बारे में एफ़डीए ने कहा है कि 'यह स्पष्ट नहीं है.'
वैसे इस बात पर भी बहस हो रही है कि क्या एचएसडीडी का इलाज दवाओं से होना चाहिए? मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यौन इच्छा की कमी किसी बाहरी या फिर मनोवैज्ञानिक कारणों से भी हो सकती है.
एचएसडीडी को लेकर बने एफ़डीए के लेटेस्ट पैनल में शामिल डॉक्टर स्प्राउट फर्मास्यूटिकल्स से भी जुड़े हुए हैं, इस बात की काफ़ी आलोचना हो रही है.
स्प्राउट फर्मास्यूटिकल्स की ही दवा है अडयाई.
वैसे कई महिला स्वास्थ्य संगठनों ने भी कहा है कि वायलेसी के दीर्घकालीन प्रभावों को जानने के लिए एफ़डीए को और समीक्षा करने की ज़रूरत नहीं है.
नेशनल सेंटर फॉर हेल्थ रिसर्च की प्रेसीडेंट डायना जकरमैन ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया है, "अच्छी ख़बर यह है कि वायलेसी को अडयाई की तरह रोज़ इस्तेमाल करने की ज़रूरत नहीं है. और बुरी ख़बर यह है कि लोगों को सुरक्षा के लेकर भरोसा नहीं हो रहा क्योंकि इस दवा का लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर होने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी नहीं है."
वायलेसी का 24 सप्ताह तक ट्रायल किया गया है, इस दौरान एचएसडीडी से पीड़ित 1200 महिलाओं को ये दवा दी गई. अधिकांश महिलाओं को महीने में दो या तीन बार इसके इंजेक्शन दिए गए. किसी को भी सप्ताह में एक से अधिक इंजेक्शन नहीं दिया गया.
इनमें से 25 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उनकी यौन इच्छा बढ़ी है. जबकि प्लेसेबो लेने वाली महिलाओं में 17 प्रतिशत के आंकड़े से यह बेहतर है.
हालांकि इस ट्रायल में शामिल, एक निजी मेडिकल ट्रायल कंपनी कोलंबस सेंटर फॉर वीमेंस हेल्थ रिसर्च के मुताबिक, 20 प्रतिशत महिलाओं ने दवा लेना बंद कर दिया था जिनमें जी मितलाने या घबराहट के चलते दवा का इस्तेमाल बंद करने वाली आठ प्रतिशत महिलाएं भी शामिल थीं.
Monday, July 1, 2019
英国专家:如何清洁家中卫生的八大窍门
打扫卫生可能是每个家庭日常家务的一部分。但是你知道吗,衡量一个家庭是否清洁卫生不能光看表面,这里面大有学问。
根据英国皇家公共卫生协会(RSPH)的最新报告称,人们在打扫家庭卫生时应该集中精力防止那些有害微生物的蔓延,而不是清洁那些表面上看着“较脏”的地方。
当然,认真洗手、洗衣物、清洁物体表面对保持卫生来说都很重要。然而,了解正确做法才是减少感染和抗生素耐药性的关键所在。
根据该报告,公众对所谓脏与细菌,干净与卫生之间的区别并不太清楚。而且,有些人认为应该让孩子接触一些有害细菌,认为这样对孩子的免疫系统有好处。
但是专家指出,这样做有其潜在威胁性,因为这可能会让孩子受到感染,并且有可能是很危险的感染。
因此,知道该如何清洁家里卫生,集中精力清理哪些藏污纳垢的死角?以及什么时候该清洁都非常重要。因为只有这样,才能阻止有害微生物蔓延,成为致病温床。
除此之外, 该报告特别提醒在清洁厨房,尤其是菜板非常重要。特别是当你用菜板切完生食,例如生肉和家禽产品后应着重清洗。
最好把准备生食和熟食的菜板分开。
另外,一定要把家里的清洁抹布和刷子在用完后彻底洗干净。
与此同时,或许家中地板和家具表面看上去有点脏,但它们不会对健康构成什么威胁。
在清洁包括锅碗瓢盘等厨房用具卫生时,最后使用热肥皂水,让清洗后的脏水直接流到下水道。
但英国食品标准局说, 如果希望彻底杀死细菌,则需要使用70摄氏度以上的热水,并要持续清洗一段时间。
另外一个窍门是, 在准备完食品后最好用厨房专用纸巾清洁表面,而不是用厨房抹布。这样可以防止交叉感染。
专家表示, 让公众知道清洁与卫生的区别非常重要。 清洁是指清除脏污和微生物,但卫生则是在关键时候和关键部位斩断感染源。
英国皇家公共卫生协会的艾克里教授(Prof Lisa Ackerley)指出, 与家人、朋友和宠物在室外玩耍固然重要, 因为它会让人,尤其是儿童接触到“好细菌”和建立健康的微生物群,有利于增强免疫力。
但是,也要搞好室内卫生。只有这样才能预防感染。
她强调:“家庭和日常生活中的良好卫生习惯有助于减少感染疾病,对保护我们的儿童至关重要。这样既可以减轻对英国卫生医疗机构的压力。同时,也会在对付抗生素耐药性方面发挥重大作用”。
根据英国皇家公共卫生协会(RSPH)的最新报告称,人们在打扫家庭卫生时应该集中精力防止那些有害微生物的蔓延,而不是清洁那些表面上看着“较脏”的地方。
当然,认真洗手、洗衣物、清洁物体表面对保持卫生来说都很重要。然而,了解正确做法才是减少感染和抗生素耐药性的关键所在。
根据该报告,公众对所谓脏与细菌,干净与卫生之间的区别并不太清楚。而且,有些人认为应该让孩子接触一些有害细菌,认为这样对孩子的免疫系统有好处。
但是专家指出,这样做有其潜在威胁性,因为这可能会让孩子受到感染,并且有可能是很危险的感染。
因此,知道该如何清洁家里卫生,集中精力清理哪些藏污纳垢的死角?以及什么时候该清洁都非常重要。因为只有这样,才能阻止有害微生物蔓延,成为致病温床。
除此之外, 该报告特别提醒在清洁厨房,尤其是菜板非常重要。特别是当你用菜板切完生食,例如生肉和家禽产品后应着重清洗。
最好把准备生食和熟食的菜板分开。
另外,一定要把家里的清洁抹布和刷子在用完后彻底洗干净。
与此同时,或许家中地板和家具表面看上去有点脏,但它们不会对健康构成什么威胁。
在清洁包括锅碗瓢盘等厨房用具卫生时,最后使用热肥皂水,让清洗后的脏水直接流到下水道。
但英国食品标准局说, 如果希望彻底杀死细菌,则需要使用70摄氏度以上的热水,并要持续清洗一段时间。
另外一个窍门是, 在准备完食品后最好用厨房专用纸巾清洁表面,而不是用厨房抹布。这样可以防止交叉感染。
专家表示, 让公众知道清洁与卫生的区别非常重要。 清洁是指清除脏污和微生物,但卫生则是在关键时候和关键部位斩断感染源。
英国皇家公共卫生协会的艾克里教授(Prof Lisa Ackerley)指出, 与家人、朋友和宠物在室外玩耍固然重要, 因为它会让人,尤其是儿童接触到“好细菌”和建立健康的微生物群,有利于增强免疫力。
但是,也要搞好室内卫生。只有这样才能预防感染。
她强调:“家庭和日常生活中的良好卫生习惯有助于减少感染疾病,对保护我们的儿童至关重要。这样既可以减轻对英国卫生医疗机构的压力。同时,也会在对付抗生素耐药性方面发挥重大作用”。
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