महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारने के मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडेय और उनके पति अशोक पांडेय को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
पुलिस ने उन्हें दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करते समय गिरफ़्तार किया है. उन्हें बुधवार को अलीगढ़ लाया जाएगा.
30 जनवरी को पूजा ने एयर गन से महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारी थी. इस मामले में 12 लोगों के ख़िलाफ़ अलीगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया था.
मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने खंडवा में गोहत्या के मामले में तीन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) की धाराएं लगाते हुए गिरफ़्तार किया है.
खंडवा के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने इसकी पुष्टि की है, उनका कहना है कि खंडवा सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील इलाक़ा है तो इसी कारण उन पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है.
नदीम, शकील और आज़म नामक अभियुक्तों पर पहले मध्य प्रदेश गौ हत्या निषेध अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार आने के बाद यह पहला मामला है जबकि 2007 से 2016 के बीच बीजेपी की शिवराज सरकार में गोहत्या के मामले में कम से कम 22 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.
लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है.
महाराष्ट्र में रालेगण सिद्धि में अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मुलाक़ात के बाद सात दिन से चली आ रही अपनी भूख हड़ताल को ख़त्म किया.
फडणवीस ने कहा कि लोकपाल को नियुक्त करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी.
मंगलवार रात भारत प्रशासित कश्मीर में रिक्टर पैमाने पर 5.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. अभी तक किसी भी जान-माल की हानि की ख़बर नहीं है.
भूकंप रात क़रीब 10.17 बजे आया जिसके बाद लोग अपने घरों से सड़कों पर निकल आए. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भूकंप का केंद्र श्रीनगर से 118 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिमी कश्मीर में 40 किलोमीटर की गहराई में था.
कश्मीर में आए भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किए गए.
उत्तर कोरिया के लिए अमरीका के विशेष दूत स्टीफ़न बीगन बुधवार को प्योंगयांग में बैठक करेंगे.
इस महीने के आख़िर में अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के बीच दूसरा सम्मेलन होने की उम्मीद है. बीगल ने कहा कि वह उत्तर कोरिया के साथ परमाणु निशस्त्रीकरण के रोडमैप को लेकर बात करेंगे.
बीगन ऐसे वक्त में उत्तर कोरिया पहुंचे हैं, जब संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में उत्तर कोरिया को लेकर ये चेतावनी दी गई कि वह अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है और साथ ही हथियार कार्यक्रम भी बदस्तूर चला रहा है.a
Tuesday, February 5, 2019
Monday, February 4, 2019
“巧克力末日”论:甜品控需要担心吗?
全球巧克力市值屡创新高,巨大的新兴市场不断涌现,可生产商却在苦苦挣扎。为什么会是这样?我们应该担心吗?
2050年就没有巧克力了?最近有多篇文章指出,我们将面临严重的巧克力危机。
全球巧克力市值持续走高,到2025年有望比2015年翻一番。人们认为巧克力有益健康,比如能抗衰老、抗氧化、缓解压力和调节血压等等,因而极大地促进了消费。
巧克力的消费大户是哪里?一直以来,西欧和北美消耗掉了全球一半以上的巧克力。瑞士是世界上的头号“甜品控”,2017年人均吃掉了超过8公斤的巧克力。
尽管发达国家巧克力的消费总量遥遥领先,但未来的增长商机可能会在其它地方。譬如中国和印度,两国的人口都超过十亿。高速城镇化、中产崛起、消费者口味改变,都使巧克力日益受到青睐。
目前,印度是增长最快的巧克力市场之一,过去几年间需求量稳步攀升。2016年消耗超过22.8万吨,较2011年增加50%。印度人爱吃甜食,有些人认为巧克力是健康食品,会毫不犹豫地拿来当零食,巧克力成了人们最喜欢的一种食品。
而在中国,1980年代初实行经济改革伊始,巧克力曾被奉为稀世佳肴。中国对巧克力的消费一直不敌他国,人均年消耗量不足1公斤。
但“咖啡文化”等新风尚的兴起也影响了巧克力的使用和消费,情况正在改变。而且,中国大批有钱人会上网购买高档进口食材,也促使阿里巴巴等零售商反思商业模式,以便在竞争中出人头地。
然而,巧克力生产商却在苦苦挣扎。生产巧克力所用的可可树十分娇嫩,需要潮湿的热带气候和雨林的遮蔽,能种植的地方很有限。可可树主要生长于西非国家,全球一半以上的可可出自科特迪瓦和加纳两国。
然而,受全球变暖的影响,预计这些国家的可可耕地将会向高地转移,以维持最佳生长条件。可用土地面积不足是个难题,目前很多高地不准种植,或者可能不适宜可可生长。
今年六月,科特迪瓦称一个10万公顷的可可种植园感染了可可肿枝病毒,为防止进一步扩散,必须将种植园整体铲除,至少五年后才能在此地再次栽种。
“自然”危害加上价格波动,可可农户会考虑改种利润更高、更易栽培的作物。
印尼是世界第三大可可生产国。由于天气不佳和可可树老化,自2010年起产量连续下跌。结果,一些农户改种了玉米、橡胶或棕榈等其它作物。
可可树普遍受到威胁,而新兴市场需求旺盛,对可可生产大户是个明显信号。
世界第二大可可出口国加纳瞄准亚洲,特别将中国作为接下来的“大客户”。为提高可可年产,加纳极力从中国进出口银行获得15亿美元贷款。中国的巧克力市场大有前景,共同利益显而易见,合作因而得到两国政府的支持。
其它“热门”之选位于中东和非洲。阿联酋和沙特阿拉伯的人均巧克力消费位居前列,远高于该地区平均水平。消费者认为巧克力是财富的象征,越来越追求高档品牌。
阿尔及利亚的巧克力消费水平也相当可观,但原因不同。欧睿信息咨询公司(Euromonitor)表示,阿尔及利亚人认为巧克力可以补充能量,特别在年轻人中,自用消费呈上涨态势,但较少用于礼尚往来。
2050年就没有巧克力了?最近有多篇文章指出,我们将面临严重的巧克力危机。
全球巧克力市值持续走高,到2025年有望比2015年翻一番。人们认为巧克力有益健康,比如能抗衰老、抗氧化、缓解压力和调节血压等等,因而极大地促进了消费。
巧克力的消费大户是哪里?一直以来,西欧和北美消耗掉了全球一半以上的巧克力。瑞士是世界上的头号“甜品控”,2017年人均吃掉了超过8公斤的巧克力。
尽管发达国家巧克力的消费总量遥遥领先,但未来的增长商机可能会在其它地方。譬如中国和印度,两国的人口都超过十亿。高速城镇化、中产崛起、消费者口味改变,都使巧克力日益受到青睐。
目前,印度是增长最快的巧克力市场之一,过去几年间需求量稳步攀升。2016年消耗超过22.8万吨,较2011年增加50%。印度人爱吃甜食,有些人认为巧克力是健康食品,会毫不犹豫地拿来当零食,巧克力成了人们最喜欢的一种食品。
而在中国,1980年代初实行经济改革伊始,巧克力曾被奉为稀世佳肴。中国对巧克力的消费一直不敌他国,人均年消耗量不足1公斤。
但“咖啡文化”等新风尚的兴起也影响了巧克力的使用和消费,情况正在改变。而且,中国大批有钱人会上网购买高档进口食材,也促使阿里巴巴等零售商反思商业模式,以便在竞争中出人头地。
然而,巧克力生产商却在苦苦挣扎。生产巧克力所用的可可树十分娇嫩,需要潮湿的热带气候和雨林的遮蔽,能种植的地方很有限。可可树主要生长于西非国家,全球一半以上的可可出自科特迪瓦和加纳两国。
然而,受全球变暖的影响,预计这些国家的可可耕地将会向高地转移,以维持最佳生长条件。可用土地面积不足是个难题,目前很多高地不准种植,或者可能不适宜可可生长。
今年六月,科特迪瓦称一个10万公顷的可可种植园感染了可可肿枝病毒,为防止进一步扩散,必须将种植园整体铲除,至少五年后才能在此地再次栽种。
“自然”危害加上价格波动,可可农户会考虑改种利润更高、更易栽培的作物。
印尼是世界第三大可可生产国。由于天气不佳和可可树老化,自2010年起产量连续下跌。结果,一些农户改种了玉米、橡胶或棕榈等其它作物。
可可树普遍受到威胁,而新兴市场需求旺盛,对可可生产大户是个明显信号。
世界第二大可可出口国加纳瞄准亚洲,特别将中国作为接下来的“大客户”。为提高可可年产,加纳极力从中国进出口银行获得15亿美元贷款。中国的巧克力市场大有前景,共同利益显而易见,合作因而得到两国政府的支持。
其它“热门”之选位于中东和非洲。阿联酋和沙特阿拉伯的人均巧克力消费位居前列,远高于该地区平均水平。消费者认为巧克力是财富的象征,越来越追求高档品牌。
阿尔及利亚的巧克力消费水平也相当可观,但原因不同。欧睿信息咨询公司(Euromonitor)表示,阿尔及利亚人认为巧克力可以补充能量,特别在年轻人中,自用消费呈上涨态势,但较少用于礼尚往来。
Friday, February 1, 2019
बजट पर सोशल मीडिया- किसानों को 500 हर महीने, लोग बोले- पुराने 15 लाख दे दो
Budget 2019 अंतरिम बजट 2019 पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने ऐलान किया है कि 12 करोड़ किसानों को 6000 रुपये प्रति वर्ष दिया जाएगा. ये राशि सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. तीन किश्तों में किसानों को ये पैसा मिलेगा. इस योजना का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना रखा गया है. इसे 1 दिसंबर 2018 से लागू किया जाएगा. 2 हेक्टयर खेत रखने वाले किसान इस योजना के तहत योग्य माने जाएंगे. वहीं, पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई दर को 4.6 फीसदी के स्तर पर लाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि इससे गरीब जनता को सबसे बड़ी राहत पहुंची है. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की सरकारों ने ग्रामीण इलाकों से सिर्फ खोखला वादा करने का काम किया है.
लेकिन किसानों को 6000 रुपये प्रति वर्ष दिए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं आईं. कई लोगों ने सरकार की इस योजना को मास्टरस्ट्रोक बताया है, वहीं कई ने इसे मजाक करार दिया है. यूजर @vicky_donorr ने सवाल किया कि क्या ये एक वोट की कीमत है? @sinhapks56 ने लिखा कि इंस्टॉलमेंट तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे 5 लाख 3 इंस्टॉलमेंट में देंगे. @Srikant2019 ने लिखा कि किसान मोदी की इस योजना का लाभ भी लेंगे और उन्हें एमएसपी नहीं बढ़ाने के लिए सत्ता से बाहर भी कर देंगे.
वहीं, @jaiswal4907 ने इसे स्लॉग ओवर का थर्ड सिक्सर करार दिया. @jaybharat ने लिखा कि कुबेर का खजाना नहीं है सरकार के पास, 30 करोड़ से ज्यादा किसान हैं भारत में. @singhavi11 ने लिखा कि लेकिन मोदी सरकार तो मुफ्त चीजें नहीं देती हैं, सारे भक्त तो यहीं बोलते थे. Shailendra Patil (@cotton_oranges) ने लिखा कि मतलब 500 रु प्रति महीना, अबे बीड़ी बंडल/तंबाकू ही दे देते... @deepakj08281844 ने लिखा- राहुल गांधी इफेक्ट... @ShamkulePrince ने लिखा- पुराने 15 लाख तो दे दो.
शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश करते हुए कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हमारे सैनिक कठिन हालात में देश की रक्षा करते हैं. सरकार सैनिकों के हित का ध्यान रखती है. उन्होंने बताया कि वन रैंक, वन पेंशन के तहत सरकार ने रिटायर्ड सैनिकों को 35 हजार करोड़ रुपये दिए हैं. सैनिकों की यह मांग 40 साल से लंबित पड़ी थी.
2018 में डिफेंस सेक्टर के लिए क्या था
चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव भरे माहौल के बीच डिफेंस सेक्टर के लिए साल 2018 के आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2,95,511 करोड़ रुपये का आवंटन किया था. इस हिसाब से अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने देश के रक्षा बजट में 5000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है. वहीं साल 2017 में डिफेंस सेक्टर के लिए 2.74 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था. इस हिसाब से डिफेंस बजट में 7.81 फीसदी का इजाफा था. बीते साल के बजट में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योग अनुकूल ‘रक्षा उत्पादन नीति 2018’ का ऐलान किया गया. इसके अलावा रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एफडीआई को उदार बनाने के साथ साथ प्राइवेट इनवेस्टमेंट के दरवाजे खोल दिए गए.
सेना को अधिक बजट की दरकार
डिफेंस सेक्टर के एक्सपर्ट की नजर में पिछले बजट में रक्षा क्षेत्र की बढ़ोतरी मामूली थी. सेना ने भी यह दावा किया था कि उसके पास पर्याप्त फंड नहीं है. यही वजह है कि 'मेक इन इंडिया' के तहत सेना के 25 प्रोजेक्ट भी आगे नहीं बढ़ सके. बता दें कि पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के रिश्ते तनाव भरे रहे हैं. ऐसे में रक्षा बजट में इजाफे की दरकार थी.
लेकिन किसानों को 6000 रुपये प्रति वर्ष दिए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं आईं. कई लोगों ने सरकार की इस योजना को मास्टरस्ट्रोक बताया है, वहीं कई ने इसे मजाक करार दिया है. यूजर @vicky_donorr ने सवाल किया कि क्या ये एक वोट की कीमत है? @sinhapks56 ने लिखा कि इंस्टॉलमेंट तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे 5 लाख 3 इंस्टॉलमेंट में देंगे. @Srikant2019 ने लिखा कि किसान मोदी की इस योजना का लाभ भी लेंगे और उन्हें एमएसपी नहीं बढ़ाने के लिए सत्ता से बाहर भी कर देंगे.
वहीं, @jaiswal4907 ने इसे स्लॉग ओवर का थर्ड सिक्सर करार दिया. @jaybharat ने लिखा कि कुबेर का खजाना नहीं है सरकार के पास, 30 करोड़ से ज्यादा किसान हैं भारत में. @singhavi11 ने लिखा कि लेकिन मोदी सरकार तो मुफ्त चीजें नहीं देती हैं, सारे भक्त तो यहीं बोलते थे. Shailendra Patil (@cotton_oranges) ने लिखा कि मतलब 500 रु प्रति महीना, अबे बीड़ी बंडल/तंबाकू ही दे देते... @deepakj08281844 ने लिखा- राहुल गांधी इफेक्ट... @ShamkulePrince ने लिखा- पुराने 15 लाख तो दे दो.
शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश करते हुए कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हमारे सैनिक कठिन हालात में देश की रक्षा करते हैं. सरकार सैनिकों के हित का ध्यान रखती है. उन्होंने बताया कि वन रैंक, वन पेंशन के तहत सरकार ने रिटायर्ड सैनिकों को 35 हजार करोड़ रुपये दिए हैं. सैनिकों की यह मांग 40 साल से लंबित पड़ी थी.
2018 में डिफेंस सेक्टर के लिए क्या था
चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव भरे माहौल के बीच डिफेंस सेक्टर के लिए साल 2018 के आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2,95,511 करोड़ रुपये का आवंटन किया था. इस हिसाब से अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने देश के रक्षा बजट में 5000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है. वहीं साल 2017 में डिफेंस सेक्टर के लिए 2.74 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था. इस हिसाब से डिफेंस बजट में 7.81 फीसदी का इजाफा था. बीते साल के बजट में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्योग अनुकूल ‘रक्षा उत्पादन नीति 2018’ का ऐलान किया गया. इसके अलावा रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एफडीआई को उदार बनाने के साथ साथ प्राइवेट इनवेस्टमेंट के दरवाजे खोल दिए गए.
सेना को अधिक बजट की दरकार
डिफेंस सेक्टर के एक्सपर्ट की नजर में पिछले बजट में रक्षा क्षेत्र की बढ़ोतरी मामूली थी. सेना ने भी यह दावा किया था कि उसके पास पर्याप्त फंड नहीं है. यही वजह है कि 'मेक इन इंडिया' के तहत सेना के 25 प्रोजेक्ट भी आगे नहीं बढ़ सके. बता दें कि पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के रिश्ते तनाव भरे रहे हैं. ऐसे में रक्षा बजट में इजाफे की दरकार थी.
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